बाँझपन (Infertility) पर जानकारी — हिन्दी में
बाँझपन क्या है?
जब एक दंपत्ति 1 साल तक नियमित संबंध बनाने के बाद भी गर्भधारण नहीं कर पाते, तो इसे बाँझपन कहा जाता है।
यदि महिला की उम्र 35 वर्ष से अधिक हो तो यह अवधि 6 महीने मानी जाती है।
बाँझपन के प्रकार
- प्राथमिक बाँझपन
जब महिला ने कभी गर्भ धारण न किया हो।
- द्वितीयक बाँझपन
जब पहले गर्भधारण हो चुका हो पर बाद में न हो पा रहा हो।
पुरुषों में बाँझपन के मुख्य कारण
- शुक्राणुओं की संख्या कम होना या उनकी गुणवत्ता खराब होना
- वीर्य मार्ग में रुकावट
- हार्मोन संबंधी समस्याएँ
- धूम्रपान, शराब, ड्रग्स आदि
- अत्यधिक तनाव, मोटापा
- संक्रमण या चोट
महिलाओं में बाँझपन के मुख्य कारण
- ओव्यूलेशन (अंडोत्सर्जन) में समस्या
- फेलेपियन ट्यूब ब्लॉक होना
- एंडोमीट्रियोसिस
- PCOS (पॉली सिस्टिक ओवरी सिंड्रोम)
- गर्भाशय संबंधी विकार
- उम्र अधिक होना
- हार्मोन असंतुलन
लक्षण
- अनियमित मासिक धर्म
- हार्मोनल बदलाव
- गर्भधारण में बार-बार असफलता
- पुरुषों में यौन स्वास्थ्य की समस्याएँ
जाँच (Diagnosis)
- रक्त जांच (हार्मोन जांच)
- अल्ट्रासाउंड
- HSG टेस्ट (फेलेपियन ट्यूब जांच)
- वीर्य विश्लेषण (Semen Analysis)
- लैप्रोस्कोपी (कुछ मामलों में)
उपचार (Treatment)
- दवाइयाँ (हार्मोनल या ओव्यूलेशन सुधारने वाली)
- IUI (Intrauterine Insemination)
- IVF (In Vitro Fertilization – टेस्ट ट्यूब बेबी)
- ICSI (शुक्राणु सीधे अंडाणु में प्रविष्ट)
- जीवनशैली में सुधार — कम तनाव, वजन नियंत्रित, पोषणयुक्त आहार, नशे से दूर
रोकथाम और जीवनशैली सुझाव
- धूम्रपान, शराब से दूरी
- संतुलित आहार एवं नियमित व्यायाम
- मानसिक तनाव को कम करें
- अत्यधिक प्रदूषण व गर्मी में रहने से बचें
- समय पर विवाह/गर्भ योजना (उम्र बढ़ने से प्रजनन क्षमता कम होती है)
महत्वपूर्ण बातें
- बाँझपन एक चिकित्सा समस्या है, सामाजिक नहीं
- पुरुष और महिला दोनों ही इसकी वजह हो सकते हैं
- समय पर जाँच व उपचार से सफलता की संभावना बढ़ जाती है